शुक्रवार, 17 दिसंबर 2010

सोने के नहीं होते स्वर्ण पदक

कॉमनवेल्थ गेम्स को लेकर सूचना मांगने के कई आवेदन डाले गए. इनमें से बहुत से आवेदनों को तो अफसर इधर से उधर भेज रहे हैं. आयोजन समिति के पास दाखिल एक आवेदन के पहले खेल मंत्रालय भेज दिया जाता है. खेल मंत्रालय वापस इसे आयोजन समिति को भेज रहा है. चूहे बिल्ली के इस खेल के बाद भी कुछ सूचना निकल कर सामने आ रही है जिस पर आगे जांच किए जाने की ज़रूरत है. जैसे -

चिकित्सा: 15 दिन में 15 करोड़ खर्च
- कॉमनवेल्थ गेम्स में एक चिकित्सा केंद्र बनाया गया था. यहां कुल 3665 लोगों को  चिकित्सा सुविधा प्रदान की गई और इस पर कुल 14,99,79,200 रुपया खर्च किया गया. यानि 15 दिन चले सेंटर पर प्रति मरीज़ पर करीब 50 हज़ार रुपए खर्च हुए. इनमें से 46 मरीजों को जीबी पंत अस्पताल में भी रैफर किया गया. 15 दिन में हुए इस खर्चे का हिसाब भी निकाला जाना चाहिए. मरीजों को देखे जाने के रजिस्टर को भी देखना होगा.

-  आयोजन समिति का कहना है कि खेलों के  उदघाटन व समापन समारोह पर अलग अलग खर्च बताना संभव नहीं है लेकिन दोनों समारोहों पर कुल 225 करोड़ 43 लाख रुपए खर्च हुए.

सोने के नहीं होते स्वर्ण पदक
- इसी तरह अगर आप सोच रहे हैं कि खेलों में सोने के तमगे वाकई सोने के होतें हैं तो आपकी जानकारी इस खबर को पढ़कर बढ़ सकती है. कॉमनवेल्थ के दौरान सोने के पदक 5539 रुपए में और चांदी के पदक 4800 रुपए में खरीदे गए. वैसे कुल मिलाकर सोने चांदी और  कांस्य के पदकों की खरीद पर 81 लाख रुपए खर्च किए गए.

2 टिप्‍पणियां:

honesty project democracy ने कहा…

मनीष जी अब इस देश के नागरिकों को इस बात के लिए एकजुट होकर देश व्यापी आन्दोलन की शुरुआत कर देनी चाहिए की जो व्यक्ति हर महीने भ्रष्टाचार से जुड़े सवालों के जवाब की पुष्टि के लिए अपनी ब्रेनमेपिंग और लाई डिटेक्टर टेस्ट कराएगा वही व्यक्ति इस देश में मंत्री,प्रधानमंत्री,राष्ट्रपति तथा इस देश के विभिन्न न्यायालय के जजों के महत्वपूर्ण और सम्माननीय पदों पर बैठेगा......ब्रेनमेपिंग लाइव प्रशारण के जरिये पूरे देश की जनता देख पायेगी........वर्तमान सभी मंत्री,प्रधानमंत्री तथा राष्ट्रपति को उनके पदों से हटा दिया जाना चाहिए...क्योकि इन लोगों के सहयोग के वगैर इस तरह के शर्मनाक स्तर का भ्रष्टाचार का होना मुमकिन नहीं है.....इसके अलावे अब कोई चारा नहीं है शर्मनाक स्तर के भ्रष्टाचार को रोकने का.......सिर्फ RTI से जानकारी नहीं बल्कि अब सार्थक कार्यवाही करने का वक्त आ गया है इन भ्रष्ट मंत्रियों और अधिकारीयों के खिलाप.....

Dheeraj1998 Sharma1998 ने कहा…

Sir bank me RTI kese league